मनुष्य जीवन कहते हैं कि 84 लाख योनियों के बाद मिलता है । सुनने में थोड़ा अजीब लगता है किन्तु है एकदम सत्य ।
84 लाख योनियां यानी जो जीव हमको दृश्य रूप में दिखाई देते है, और न जाने कितने जीव है जो हम अपनी आंखों से नही देख पाते ।
मनुष्य जीवन में भी कई तरह के कष्टों का सामना करना पड़ता है, जबकि मनुष्य बहुत कुछ करने में सक्षम है । सोचिए 84 लाख योनियों में कितना कष्ट इस जीव को झेलना पड़ता है ।
मनुष्य जीवन में हम बोल कर बता सकते हैं कि हमको सिर में दर्द है, पेट में दर्द है, भूख लगी है आदि । पर 84 लाख योनियों में कोई भी जीव बोल न ही सकता - कितना दुःखद परन्तु सत्य ।
अब बात आती है कि आखिर हम ये कष्ट क्यों भोग रहे हैं । आखिर क्यों हमको न चाहते हुए भी 84 लाख योनियों में कष्ट उठाना पड़ता है ?? कारण क्या है ??
जब हम अपने आध्यात्मिक संविधान यानी हमारे सद्ग्रन्थों को उठाकर देखते हैं तो पता चलता है कि मनुष्य जीवन हमको परमात्मा की प्राप्ति के लिए मिलता है और अगर हम इसका सही उपयोग नही करते तो हमको मनुष्य जीवन के साथ 84 लाख योनियों में भी कष्ट उठना पड़ता है ।
आज पूरे विश्व में एकमात्र संत रामपाल जी महाराज है जो प्रमाणित सत्य आध्यात्मिक ज्ञान सर्व समाज को दे रहे हैं, जिससे उनके अनुयायियों को अद्भुत लाभ प्राप्त हो रहे हैं । उन्होंने सद्ग्रन्थों से प्रमाणित करके बताया है कि परमात्मा एक है और उनका नाम कविर्देव (कबीर साहेब) है, वही पापनाशक, मोक्षदायक और अविनाशी परमात्मा है ।
सर्व समाज को चाहिए कि अपने विवेक का इस्तेमाल करे और सभी सद्ग्रन्थों से अपनी साधना को परखे की कही अनजान पने में हम अपना जीवन खराब तो नहीं कर रहे ।
संत रामपाल जी महाराज का अनमोल ज्ञान सुनने के लिए आप साधना TV देखिये प्रतिदिन शाम 7:30 से 8:30 तक


Comments
Post a Comment